प्राकृतिक प्रचुरता के साथ क्षेत्र का विकास आवश्यक: पुष्पेन्द्र चौहान


वन जीव पक्षी अभ्यारण देवगढ़ में मनाया गया विश्व जैव विविधता दिवस

ललितपुर ब्यूरो विश्व जैव विविधता दिवस अथवा विश्व जैव विविधता संरक्षण प्रतिवर्ष सम्पूर्ण विश्व में 22 मई को मनाया जाता है, यह एक अन्तराष्ट्रीय पर्व है, इसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रारम्भ किया था। हमारे जीवन मैं जैव-विविधता का काफी महत्व है। 

      इसी पर्व को मानव आर्गेनाईजेशन ने देवगढ में मनाया जिसमें वन विभाग, भारतीय जैव विविधता संस्थान झांसी, भारत स्काउट गाईड ललितपुर, बुन्देलखण्ड मिरर, विन्ध सर्जन सेवा समिति की गरिमामय उपस्थित रही। तालबेहट कैन्ट विद्यालय की टीम ने कैप्टन रोहित सिंह के संरक्षण में जनपद की जैव विविधता को नजदीक से जाना और बच्चों को भी पर्यायवरण की महत्वता के बारे में बताया।   
       इस पर प्रकाश डालते हुये पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने कहा की हमारा क्षेत्र जैव विविधता के लिये आस-पास के क्षेत्रों में सार्वधिक उपयुक्त है यहां वन, जीव-जन्तु, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है इसलिये इस क्षेत्र का विकास होना अत्यधिक आवश्यक है। डा.राजीव निरंजन ने कहा की भारत स्काउट गाईड का उददेश्य हर प्रकार से सेवा समर्पित है और जैव विविधता को बढाने के लिये टीम हमेशा कार्य करती है और कार्य करती रहेगी। फिरोज इकबाल पर्यटन मित्र ने उक्त कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिये आयी तालेबहट कैन्ट विद्यालय की टीम जिसमें बच्चों के साथ विद्यालय स्टाफ आदि मौजूद थे को देवगढ भ्रमण कराया जिसमें नाहर घाटी, राजघाटी, सिद्ध की गुफा और जैन मन्दिर समूह के बारे में विस्तार से बताया व जनपद के वन क्षेत्रों में मौजूद जीव जन्तुओं के बारे में बताया। एड.राजेश पाठक विन्ध सेवा समिति अध्यक्ष ने कहा कि लाखों विशिष्ट जैविक कई प्रजातियों के रूप में पृथ्वी पर जीवन उपस्थित है और हमारा जीवन प्रकृति का अनुपम उपहार है। अत: पेड-पौधे, अनेक प्रकार के जीव जन्तु, मिटटी, हवा, पानी, महासागर, पठार, समुद्र नदियां इन सभी प्रकृति की देन का हमें संरक्षण करना चाहिये, क्योकि यही हमारे अस्तित्व एवं विकास के लिये काम आती है। भारतीय जैव विविधता संस्थान की अध्यक्षा डा.सोनिका कुशवाहा ने कहा हमें एक ऐसे पर्यायवरण का निर्माण करना है जो जैव विविधता में समृद्ध, टिकाऊ और आर्थिक गतिविधियों के लिये हमें अवसर प्रदान कर सकें। जैव विविधता की कमी होने से प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ, सूखा, तूफान आदि आने का खतरा और अधिक बढ जाता है। अत: हमारे लिये जैव विविधता का संरक्षण बहुत जरूरी है। इस अवसर पर मौजूद उपस्थितजनों ने गिद्ध के घोसंलों को देखा उनकी प्रजातियों के बारे में समझा और संकल्प लिया की वह पर्यायवरण की रक्षा के लिये हमेशा तत्पर रहते हुये सहभागिता करेंगें। इस अवसर पर एड.शेर सिंह यादव, एड.स्वतन्त्र व्यास, सुनील चौबे, सचिन जैन, संजय बुढवार, बलराम कुषवाहा, वन विभाग के पक्षी विशेषज्ञ देवेन्द्र यादव, गौरव ड्योढिया, शिवम यादव, रितिक, अभिषेक वैध, विवेक कुशवाहा, नरेश विश्वकर्मा, कमल सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट अमित अग्रवाल